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Showing posts with the label इस्राइली विस्तारवाद

अमरीकी सैन्य उद्योग का मध्यपूर्व में सूचना वर्चस्व- जगदीश्वर चतुर्वेदी

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                                                                                          अमेरिकी साम्राज्यवाद का उत्तर आधुनिक मंत्र है सूचना वर्चस्व बनाए रखो। विरोधी के सूचना तंत्र को नष्ट करो , अप्रासंगिक बनाओ। इस मंत्र का मध्यपूर्व में भी इस्तेमाल किया जा रहा है।जो मीडिया साथ नहीं है , उसके साथ शत्रुतापूर्ण बर्ताव करना , दण्डित करना , उसे भी आतंकवाद विरोधी मुहिम के निशाने पर लाना। इसी तथ्य को ध्यान में रखकर मीडिया को चौथा मोर्चा घोषित कर दिया गया है। मीडिया के खिलाफ भी युध्द की घोषणा कर दी गयी है। नयी परिस्थितियों में संवाददाता , चैनल , अखबार आदि सभी को निशाना बनाया जा रहा है। मीडिया को वस्तुत : युध्द का उपकरण घोषित कर दिया गया है। यह विश्वस्तर पर चल रही अमेरिका की ' आतंकविरोधी मुहिम ' का वैध निशाना है।सेना का वैध लक्ष्य है।  ...

फिलीस्तीन मुक्ति सप्ताह का आज आखिरी दिन- मध्यपूर्व के बारे में मीडिया में इस्राइली मिथ- जगदीश्वर चतुर्वेदी

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(इस्राइल हमले के प्रतिवाद में बनायी फिलीस्तीनी चित्रकार की पेंटिंग)                                                           इस्राइली सेना के बारे में पश्चिमी मीडिया यह मिथ प्रचारित कर रहा है कि वह कभी गलती नहीं कर सकता। इस्राइली हमेशा जीतेंगे। इस्राइली सेना इस्राइली जनता की रक्षा करेगी। इस्राइली चैनलों में ' हम ' की केटेगरी के तहत पश्चिम की प्रशंसा और पश्चिम के साथ इस्राइली रिश्ते के साथ जोड़कर पेश किया जा रहा है। इस्राइल के द्वारा ' अन्य ' या पराए की केटेगरी में समूचे अरब जगत को पेश किया जा रहा है। फिलीस्तीनी और अरब जनता को ' न्यूसेंस ' और आतंकी के रूप में पेश किया जा रहा है। इस्राइली प्रचार में कहा जा रहा है इस्राइल का लक्ष्य है ' न्यूसेंस ' और आतंकवाद का विरोध करना , उसका सफाया करना।ऐसा करने में किसी भी किस्म के पश्चाताप करने की जरूरत नहीं है। अरब जनता को शक्लविहीन और आतंकी बनाने में पश्चिमी मीडिया का बड़ा हाथ है , खासकर ...

फिलीस्तीन मुक्ति सप्ताह - गाजापट्टी की नाकेबंदी और जनता की तबाही- जगदीश्वर चतुर्वेदी

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   गाजा की इस्राइल द्वारा नाकेबंदी जारी है। हजारों लोग खुले आकाश के नीचे कड़कड़ाती ठंड में ठिठुर रहे हैं , इन लोंगों के पास न तो कम्बल हैं, न टैंट हैं, न खाना है, न पीने का साफ पानी है। यह बातें संयुक्तराष्ट्र संघ मानवीय सहायता दल के संयोजक मैक्सवेल गेलार्ड ने फिलीस्तीनी इलाकों का ङाल ही में निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से कही हैं।      उल्लेखनीय है पिछले साल दिसम्बर-08 से जनवरी 2009 के बीच गाजा पर की गई भयानक बमबारी के कारण हजारों बिल्डिंगें ,मकान, स्कूल,अस्पताल सड़कें आदि पूरी तरह नष्ट हो गए थे। एक गैर सरकारी संस्था ऑक्सफॉम के अनुसार गाजा को तत्काल 268,000 मीटर कांच खिड़कियों के लिए और 67,000 स्क्वेयर मीटर सोलर वाटर हीटर के लिए चाहिए। इसके अलावा इतना ही कांच 30 फुटबाल पिचों को कवर करने के लिए चाहिए।      गाजा में फिछले साल हुई इस्राइली बमबारी के कारण पानी सप्लाई , पायखाना, बिजली आदि का समूचा ढ़ांचा नष्ट हो गया। सहायता कार्य में लगी संस्थाओं को बड़ी परेशानी हो रही है। उन्हें सीवर लाइन के पाइप,वाटर पंप ,टंकी आदि की मरम्मत के लिए प...

फिलिस्तीन मुक्ति सप्ताह- गाजा में इस्राइल के युद्धापराध --जगदीश्वर चतुर्वेदी

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                                                                                                             फिलीस्तीनी जनता का संघर्ष अब तक के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। समस्त राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और फैसलों को ताक पर रखकर इस्राइल अपनी विस्तार वादी नीति पर कायम है। अमरीका के द्वारा इस्राइल के प्रत्येक कदम का समर्थन किया जा रहा है। एक साल पहले 27 दिसम्बर 2008 से 21 जनवरी 2009 के बीच इस्राइल के द्वारा जो तबाही गाजा में मचायी थी वह युध्दापराधों की कोटि में आती है। संयुक्त राष्ट्र संघ क...