फिलीस्तीन मुक्ति सप्ताह- वैस्ट बैंक और गाजापट्टी में इस्राइली बर्बरता
इस्राइल ने गाजापट्टी और वेस्टबैंक के बीच स्वघोषित सीमा निर्धारण और अवैध कब्जा कर रखा है। यह अंतर्राष्ट्रीय सीमारेखा नहीं है पर इसे पार करने के लिए बाकायदा पासपोर्ट और वीजा की जाँच इस्राइली ऑफिसरों द्वारा की जाती है। अक्टूबर 2007 के पहले तक यानि हम्मास के सत्ता में आने के पहले तक भी यही स्थिति थी। अन्य देश के लोगों का गाजापट्टी में घुसना लगभग दुष्कर काम था। आज भी यह उतना ही कठिन बना हुआ है। लोगों के आने-जाने के साथ -साथ सूचनाओं पर भी कठोर नियंत्रण रखा जाता है। सबसे पहले तो इस्राइली वर्किंग वीजा मिलना ही मुश्किल होता है। गाजा की तरफ से इस्राइल में घुसना आसान नहीं है। इरेज़ की तरफ से घुसा जा सकता है पर वहाँ इस्राइल की दादागिरी की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इस्राइली सेना की अनुमति से कुछ मानवाधिकार संगठनों के लोग , कुछ राजनीतिज्ञों और कुछ पत्रकारों आदि को ही जाने देते हैं। इरेज़ से निकलने पर इस्राइली अफसरों के द्वारा 'निर्गत' की मुहर लगाई जाती है। ऐसे ही गाजा पट्टी से निकलते समय 'आगत' की मुहर लगाई जाती है। इसी तरह से गाजा में काम कर रहे अंत...