Posts

Showing posts with the label स्त्रीभाषा

हिन्दी के भाषाविद् स्त्रीभाषा कब पढाएँगे ?

Image
                       हिन्दी के भाषाविद् स्त्रीभाषा कब पढाएँगे ?    आज सारे भारत में उच्च शिक्षा के स्तर पर सेमेस्टर प्रणाली लागू करने की कवायद चल रही है। यू जी सी का दबाव है और दण्डानुशासन जनित भय भी कि लगभग हर विश्वविद्यालय का प्रशासन इसे लागू करने की प्रक्रिया आरंभ कर चुका है। इस प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है पाठ्यक्रम में बदलाव। अब तक का जो पाठ्यक्रम चला आया है , जिसे पढकर मेरी पीढी और मेरी माँ की पीढ़ी बडी हुई है ,उससे स्त्री की कोई छवि निर्मित नहीं होती। बारह चौदह वर्ष की पढाई करने के बाद अगर प्रश्न किया जाए कि हमने जो अध्ययन किया उसके आधार पर बताएँ कि स्त्री कैसी थी, उसका संसार कैसा था, वह कैसे सोचती थी तो उत्तर नकारात्मक होगा। न तो इतिहास, न भाषा का अध्ययन,   न खानापूर्ति के अलावा समाजशास्त्र स्त्री के बारे में कुछ बताता है।     समाज में पुरू षों की भूमिका वर्चस्व शा ली रूप में है। पुरू ष हमे शा ज्ञान, दर्शन और साहित्य के केन्द्र में रहे हैं। ...