वर्चुअल रियलिटी
संचार की नई तकनीकी शून्य में पैदा नहीं होती।वह किसी वैज्ञानिक के दिमाग का खुमार नहीं है। वह सिर्फ ख्यालों से पैदा नहीं होती।वह मन की उचंग नहीं है।संचार तकनीकी के नए रूप के आने के पहले कभी भी तकनीकी शून्य नहीं था।संचार तकनीकी के पुराने रूप अप्रासंगिक नहीं होते। वहां कभी शून्य पैदा नहीं होता है।संचार तकनीकी का मनुष्य के विकास की ऐतिहासिक प्रक्रिया से गहरा रिश्ता है।मनुष्य इतिहास में जितना आगे बढ़ता गया उसके अनुरूप संचार तकनीकी का जखीरा भी पैदा करता गया।संचार तकनीकी का इतिहास उतना ही पुराना है जितना पुराना मनुष्य का अस्तित्व है।मनुष्य की ऐतिहासिकता का तकनीकी की ऐतिहासिकता के साथ अन्योन्याश्रित संबंध है। संचार की नई तकनीकी तब पैदा होती है जब प्रचलित संचार तकनीकी रूपों के जरिए यथार्थ के विस्तार में मदद मिलनी बंद हो जाती है।संचार के तकनीकी रूपों का यह ऐतिहासिक कार्यभार है कि वे यथार्थ के विस्तार , सृजन , निर्मिति और संप्रेषण को संभव बनाते हैं।यही वजह है कि संचार तकनीकी का कोई भी रूप मरता नहीं है।व्यवस्था बदल जाने के बावजूद नहीं मरता।आप समाज में सब कुछ बदल सकते हैं।कोई...